पटना। बिहार के सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला सज चुका है। मेले में बनाये गये पर्यटन विभाग के मुख्य मंच पर कलाकार हर रोज अपनी कला की सुगंध बिखेर रहे हैं। रविवार को सुरभि कला मंच सोनपुर सारण की दिवा कालीन कार्यक्रम में जब हम जनती शीतली मैया आई हें अंगना, अंगना दुआर सगरी महल अटारी गीत की प्रस्तुति सोनू बाबू कीओर से की गयी। , मांगिला हम वरदान हे गंगा मैया के साथ कई आकर्षक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव विभोर किया। मोनी जायसवाल ने अपने भाव नृत्य के कार्यक्रम में झूला झूल रहे राधा रानी तथा अरविंद कुमार और नूतन कुमारी की जोड़ी ने कई गीत की प्रस्तुति से दर्शकों को बाधे रखा। जिसमें नशा पर आधारित भाव नृत्य की प्रस्तुति भी शामिल है। ट्रैकिंग सॉन्ग में वैभव मिश्रा बाल कलाकार ने अपनी प्रस्तुति दी। जिला प्रशासन छपरा सारण की ओर से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के नेत्रहीन बच्चे बच्चियों ने आपदाओं से बचाव का नाटक के माध्यम से संदेश दिया। इस कार्यक्रम में 17 बच्चे बच्चियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बहुत ही शानदार कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

जिसमें आपदा प्रबंधन के संयोजक संदीप कमल के साथ कुछ शिक्षक भी उपस्थित थे। स्वर मंजरी पटना के कलाकारों ने जेहने किशोरी मोरी, छाप तिलक सब छीनी रे, दमा दम मस्त कलंदर जैसे गीतों से कमलेश कुमार ने समां बांधा। साथ ही सोनाली कुमारी और ओम प्रकाश विद्यार्थी ने भी गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान की बोर्ड पर राजीव, तबला पर चुन्नीलाल जी, चंग पर अंशु यादव जैसे कलाकार शामिल रहे। तीसरी कड़ी में राधा सिंन्हा सामाजिक सेवा संस्थान पटना के कलाकारों ने लोक नृत्य की प्रस्तुति से देर तक दर्शकों को कुर्सियों पर बैठे रहने पर विवश किया। लोक नृत्य में झिंझिया, सामा-चकेवा, गांव के अधिकारी तोहर बड़का भैया हो, ऐ पहुना आजू मिथिले में रहू ना, तीनों गीतों के कलाकारों को सीडीपीओ ने सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया। मंच संचालन उद्घोषक विट्ठल नाथ सूर्य ने किया।


