अफगानिस्तान में कैदी ही बना जेल का प्रभारी

नई दिल्ली : अफगानिस्तान में तालिबान ने काबुल जेल के संचालन का जिम्मा एक कैदी को ही सौंप दिया है। जो उसी जेल में बंद था। तालिबान ने काबुल के पूर्वी क्षेत्र में बनी पुल ए चरखी जेल के सभी कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया है। काबुल पर कब्जे के बाद तालिबान ने काबुल के पूर्वी क्षेत्र में बनी पुल ए चरखी जेल के सभी कैदियों को रिहा कर दिया है। अफगानिस्तान की कई जेलें इसी तरह खाली  हो गई हैं। रोचक यहहै कि पूर्वी कुनार प्रांत से जिस तालिबान को पकड़कर पुल ए चरखी जेल लाया गया था, वही अब जेल का प्रभारी है। वर्तमान जेलर ने कहा कि अब वह तालिबान साथियों के साथ जेल की सुरक्षा व्यवस्था देख रहा है। राजधानी काबुल की पुल ए चरखी जेल में पांच हजार कैदियों को रखे जाने की व्यवस्था है। यह अफगानिस्तान की सबसे बड़ी जेल है। वीरान पड़ी जेल का नजारा यह बताने के लिए पर्याप्त है कि अब सभी अपराधी सलाखों के बाहर हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मानवाधिकार परिषद को मिशेल बाचेलेत ने जानकारी देते हुए कहा कि तालिबान के लोग हर घर की तलाशी ले रहे हैं। वहां अमेरिकी सहयोगियों और पूर्व सरकार में रहे सुरक्षा कर्मचारियों को खोजबीन की जा रही । इस दौरान लोगों को यातनाएं भी दी जा रही हैं। अधिकार समूहों के कार्यालय बंद हो गए हैं। उन्होंने बैठक में एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें तालिबान के लोग एक युवक को जबरन गाड़ी में बैठा रहे हैं। घटना काबुल की बतायी जा रही है।

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