पटना : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अध्यापक शिक्षा की सिफारिशों को हू- ब- हू लागू करना होगा।  19  जनवरी 2021 को बिहार के पटना विश्वविद्यालय के पटना ट्रेनिंग कॉलेज में बी.एड. सत्र 2020-22 में नव-नामांकित छात्रों के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘इंडक्शन प्रोग्राम’ को कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आशुतोष कुमार ने संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अध्यापकों को देनी होगी तभी स्कूली शिक्षा को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जस्सी एस. मोदी ने कहा कि शिक्षा विद्यार्थी केंद्रित हो गया है। इसलिए ज्ञान निर्माण के संरचनात्मक तरीकों पर जोर दिया जाना चाहिए। पटना वि. वि. के शिक्षा संकाय सदस्य डॉ. कुमार संजीव ने कहा कि शिक्षक निर्माण की प्रक्रिया में हो रहे परिवर्तनों को भी प्रशिक्षुओं को आत्मसात करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि प्रशिक्षुओं को ऑनलाइन टीचिंग का प्रशिक्षण बीएड की कक्षाओं में ही दे देना चाहिए। इससे पहले छात्रों ने कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और पटना विश्वविद्यालय के कुलगीत की गायन प्रस्तुति दी।  डॉ. ध्रुव कुमार ने कहा कि प्रशिक्षु छात्रों को गुरु-शिष्य परम्परा का निर्वहन करनी चाहिए ताकि वे स्कूलों में पदस्थापना के बाद वर्ग कक्ष में स्कूली बच्चों को नैतिक शिक्षा दे सकें।

समारोह को शिक्षा संकाय के अध्यक्ष प्रो. ललित कुमार, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. खगेंद्र कुमार, डॉ.  जेसी एस मोदी, डॉ.  मुनवर जहां, डॉ. कुमार संजीव, पत्रकार डॉ. ध्रुव कुमार, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. ऋषिकेश बहादुर, अमित कुमार आदि ने भी संबोधित किया।

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