गांवों के विकास की सोच के साथ केनरा बैंक की हुई थी स्थापना

पटना : बिहार के वैशाली जिले में ग्रामीण विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान रूडसेट के परिसर में केनरा बैंक का 114 वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पटना अंचल के महाप्रबंधक देवानन्द साहू ने किया। उन्होंने कहा कि बैंक अपने स्थापना काल से ही सामाजिक दायित्वबोध का पालन कर रही है। इसके संस्थापक की सोच थी कि निचले पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाये। गांवों में निवास करने वाले लोग आगे आयें। जिसे पूरा करने के लिए हमने संकल्प लिया है। महाप्रबंधक ने कहा कि रूडसेट एक ऐसा प्रशिक्षण संस्थान है जहां पर उनके आत्म विश्वास और संवाद कौशल को बेहतर कराया जाता है। पर्यावरण की जागरूकता के लिए एक पदयात्रा का भी आयोजन किया गया जिसमें महाप्रबंधक शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित रूडसेट संस्थान के केन्द्रीय सचिवालय कर्नाटक से आये कार्यकारी निदेशक एम जर्नादन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन को बदलने में बैंकों की भूमिका अहम है। केनरा बैंक के प्रधान कार्यालय बेंगलुरू के सहायक महाप्रबंधक सुरेश बाबू ने संस्थान के प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से कहा कि स्वरोजगार से ही जीवन सफल हो सकता है। बैंक के अंचल कार्यालय पटना के मंडल प्रंबधक बी के सिंह ने कहा कि वर्तमान युग में हुनरमंद होना समय की मांग है। जिसे रूडसेट बखूबी निभा रही है। संस्थान के निदेशक संजीत कुमार ने आगत अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि संस्थान हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता है।

कार्यक्रम के दौरान दो पहिया वाहन के प्रशिक्षणार्थियों की ओर से नि:शुल्क मोटर साइकिल जांच और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। बाद में संस्थान ने जढ़ुआ स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में बच्चों को शुद्ध पेयजल मिले इस के लिए वाटर प्यूरीफायर की स्थापना करायी। कार्यक्रम के दौरान केनरा कन्या विद्या ज्योति के अंतर्गत इसी विद्यालय की अनुसूचित जाति की 5 छात्राओं को छात्रवृति दी गयी। इस अवसर पर महिला उद्यमिता विकास केन्द्र पटना अंचल की पदाधिकारी श्वेतलाना, डॉक्टर संजीव कुमार, अतिथि संकाय रामा शंकर यादव, गोविन्द कुमार, वरीय कार्यालय सहायक विनोद कुमार सिंह और ठाकुर सोनू कुमार सिंह के साथ पूर्व के प्रशिक्षणर्थी प्रभात, रत्नेश, प्रतिभा मिश्रा, पूनम देवी, विनय बिहारी समेत अन्य छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरीय संकाय सदस्य के.के. सिंह और धन्यवाद ज्ञापन अजीत कुमार ने किया।

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