महिला और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की है आवश्यकता

देश के काराधीक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पटना : बिहार राज्य विधि आयोग की अध्यक्ष अंजना मिश्रा ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में महिलाओं की संख्या अधिक होनी चाहिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि महिला और बाल सुरक्षा के प्रति विशेष जागरूक रहने की जरूरत है। अध्यक्ष श्रीमती मिश्रा बिहार के वैशाली जिले में स्थित बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान के दशरथ मांझी सभागार में राज्य और अन्य राज्यों के काराधीक्षकों और पदाधिकारियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ महिला सुरक्षा विषय पर अभियोजन पदाधिकारियों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रही थीं।

उन्होंने महिलाओं और बच्चों के अनैतिक व्यापार के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि नैतिकता के साथ प्राधिकार कोई समझौता नहीं करें अन्यथा कोई कानून महिलाओं और बच्चों की मदद नहीं कर सकेगा। बीआईसीए के निदेशक नीरज कुमार झा ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो की ओर से आयोजित आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न सहभागी पदाधिकारी और अभियोजन पदाधिकारियों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कारा और सुधार सेवाएं बिहार पटना के महानिरीक्षक मिथिलेश मिश्र ने कहा कि पिछले तीन सालों में राज्य में जेल प्रशासन उन्नति कर रहा है।

श्री मिश्र ने कहा कि महिला सुरक्षा विषय पर पहले भी दो प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जा चुके हैं। इस वर्ष एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहा है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बीआईसीए की विशेष कार्यपदाधिकारी जया लक्ष्मी शिवम ने कहा कि प्रशिक्षण से कार्य में और उन्नति आती है। स्टेक होल्डर्स को-ऑर्डिनेटर एंड लीडरशिप डेवपलेपमेंट कोर्स विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली के सेंटर फॉर एपलायड रिसर्च इन गवर्ननेंस के निदेशक सी.बी.पी. श्रीवास्तव विशेष आमंत्रित अतिथि थे। इस अवसर पर  हाजीपुर के प्रोबेशन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, शिखा शर्मा, अमित कुमार, अभय कुमार सिंह, आशीष कुमार के साथ बीसीआईए के सभी पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

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