मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को आलोक आजाद ने भेजा पत्र

पटना : 2016 के पूर्व नियुक्त नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को भी मिले समान इंक्रिमेंट तथा वेतन वृद्धि का लाभ। इस मांग को लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय सह संयोजक आलोक आजाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री को ईमेल से एक पत्र भेजा है। पत्र में श्री आजाद ने  वर्ष 2006 और 2007 में हुए पहले चरण में नियुक्त नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों की सेवा लगभग 9 वर्ष पूर्ण होने पर भी मात्र दो इंक्रिमेंट मिलने की बात कही है। उन्होंने दूसरे चरण के लिए वर्ष 2009 और 2010 में नियुक्त नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को सेवा के लगभग 06 वर्ष पूर्ण होने के बाद मात्र 01 इंक्रिमेंट देने के पूर्व के आदेश को संशोधित करने की भी मांग की है।

आलोक ने कहा कि इसी सेवा शर्त के अंतर्गत 2014-15 में बहाल शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों की सेवा के प्रत्येक वर्ष के बाद एक इंक्रीमेंट का लाभ लगातार मिल रहा है। जिससे 2014 के पूर्व से सेवा करने वाले शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को वेतन के रुप में लगभग पांच हजार प्रति माह का घाटा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अभी तक इससे शिक्षकों को लगभग लाखों रूपये का नुक़सान हो चुका है। श्री आजाद ने सरकार को जल्द से जल्द सुधार करते हुए एरियर भुगतान की मांग की।

 

उन्होंने कहा की इसके साथ हीं वित्त विभाग के संकल्प संख्या 8043 दिनांक 11.10.2017 के अनुसार राज्यकर्मियों के लिए स्वीकृत महंगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ता और मकान भत्ता के अनुरूप हीं सभी भत्ता नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को भी मिलना चाहिए था। इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने इस नियम को भी नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के मामले में एक सेवा शर्त में दो नीति लागू कर दिया। जिसके अनुसार इस नियम का लाभ एक जनवरी 2016 के बाद नियुक्त शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को इसका लाभ मिलेगा, जबकी एक जनवरी 2016 के पूर्व नियुक्त नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकाल्याध्यक्षों को इस नियम के आर्थिक लाभ से वंचित कर दिया गया है जोकी अल्प वेतनभोगी शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया  2006-07 तथा 2009-10 में नियुक्त प्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को भी सेवाकाल के आरंभ तिथि से प्रत्येक वर्ष के प्रश्चात इंक्रिमेंट तथा संकल्प 8043 के तहत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की। श्री आजाद ने एक हीं सेवाशर्त में दो तरह की नीति अर्थात पूर्व की सेवा के लिए अलग नीति तथा वर्तमान सेवा के लिए अलग नीति करने से अल्प वेतनभोगी नियोजितकर्मियों को नुक्सान नहीं हो सके को बदलने की मांग की।

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