शिक्षकों ने कैच-अप-कोर्स में बच्चों को पढ़ाने का गुर जाना

पटना : बिहार के सारण जिले के बनियापुर प्रखंड में शिक्षकों के बीच कैच-अप-कोर्स के कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बालक अंचल-एक में चल रही है। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए विद्यालय के प्राचार्य मनोज प्रसाद ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान छात्र विद्यालय नहीं आ सके जिसके कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह गयी है। जिसे पूरा करना है। बच्चों के छूटे पाठ्यक्रम की पढ़ाई कम समय में पूरी करनी है। इस लिए एक छोटे कोर्स का निर्माण किया गया है। जिससे कम समय में ही छा। अपने विषय से आसानी से परिचित हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पाठ चयन का आधार, अधिगम संकेतक, सुझावात्मक प्रक्रिया और अधिगम प्रतिफल की जानकारी दी गयी कि कैसे शिक्षक बच्चों को पढ़ायेंगे तथा समझायेंगे। इसके लिए शिक्षकों को कक्षा एक से नौ तक की पाठ्य पुस्तक के साथ कैच-अप-कोर्स की जानकारी दी गयी। कोर्स के कोऑडिनेटर सत्येन्द्र मिश्र ने बताया कि इस कोर्स को साठ दिन में पूरा करना है। जिसके लिए कार्य दिवसों को विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें सभी विषय शामिल हैं। श्री मिश्र ने कहा कि यह कोर्स इस प्रकार बनाया गया है कि इसके पूरा होने के बाद छात्र गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पूरी कर लेंगे। उन्होंने कहा कि उदाहरण स्वरूप कक्षा पांच के छात्र कविता या कहानी को समझ कर अपनी भाषा में बता सकेंगे और अपने लेखन के दौरान उसमें विराम चिन्हों का प्रयोग कर सकेंगे।

 

कार्यशाला में शिक्षिका दिलकश जहां, रंजना कुमारी, डॉ मधुलिका कुमारी, इशहार खां, मंजू कुमारी, मुन्नी देवी, सावित्री कुमारी, शिक्षक सत्य प्रकाश, सुधीर कुमार सिंह समेत प्रखंड के कई अन्य विद्यालयों की महिला और पुरूष शिक्षक उपस्थित थे। कार्यशाला में अकादमिक सहयोग के रूप में यूनिसेफ है, जबकि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद सहयोग कर रही है।

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