पटना : बिहार में एक बार फिर आसमान से कहर बरसा और 33 लोग काल के गाल में समा गये जबकि कई झुलस गये। राज्य के विभिन्न जिलों में बच्चे और बुजुर्ग के साथ महिलाएं वज्रपात की शिकार बने हैं। घायलों का इलाज अस्पतालों में किया जा रहा है। वज्रपात की घटना के दौरान समस्तीपुर जिले में चार बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो  गयी। साथ ही पटना जिले के बिहटा  क्षेत्र में छह, पूर्वी चंपारण में चार,  शिवहर और कटिहार में  तीन-तीन, मधेपुरा में दो  और पश्चिम चंपारण तथा पूर्णिया में एक-एक व्यक्ति की मौत  हो गयी है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की सम्भावना जानकारों ने जतायी है। समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के बटहा गांव स्थित एक तालाब के किनारे खड़े 3 बच्चों पर वज्रपात हुआ। मुसरीघरारी थाना के लाटबसेपुरा गांव मे भी ठनका की चपेट मे आने से एक बच्चे की मौत हो गयी।

मृत बच्चों की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बतायी जा रही है, जबकि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भूईधारा गांव में ताड़ के पेड़ पर चढ़े युवक पर ठनका गिरने से मौत हो गयी।  पूसा थाना के मोरसंड गांव में भी 77 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति पर व्रजपात हुआ, जिससे उसकी मौत हो गयी। शिवहर जिले में तरियानी प्रखंड के तरियानी छपरा निवासी 60 वर्षीय रामदेव पासवान और माधोपुर छाता निवासी इंद्रजीत राय की 55 वर्षीय पत्नी शीला देवी की मौत वज्रपात से हो गयी। मृतक इस दौरान खेत में काम कर रहे थे।

कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र स्थित विनोदपुर गांव में बारिश से बचने के लिए एक घर के पास छिपे हुए थे इसी दौरान घर पर ठनका गिरा और सभी उसकी चपेट में आ गये  जिससे 3 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी जबकि अन्य 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  ने वज्रपात की घटना में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए  जिला प्रशासन को उन्हें तत्काल चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि उपलब्ध  कराने का निर्देश दिया है। इधर, बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के गया जिले के बांके  बाजार, इमामगंज, औरंगाबाद के देव और कैमूर जिले के अघौरा में वज्रपात गिरने की चेतावनी  जारी की है। विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान खुले क्षेत्रों में नहीं जाने का निर्देश जारी किया है।

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