मानसून के एक जून को केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचने की सम्भावना

नई दिल्ली : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, आईएमडी ने इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद की घोषणा की है। आईएमडी ने मानसून के लिए अपने प्रथम चरण के लंबी दूरी के पूर्वानुमान (एलआरएफ) में कहा, है कि “दक्षिण-पश्चिम मानसून, जून से सितंबर) सीजन की वर्षा कुल मिला कर पूरे देश के लिए सामान्य (96-104 प्रतिशत) रहने की सम्भावना है।

आईएमडी ने ‘भारत भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आरंभ और प्रगति तथा वापसी की नई सामान्य तिथियां’ भी जारी कीं है।

मात्रा के लिहाज से दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) सीजन की वर्षा के 5 प्रतिशत की मामूली त्रृटि के साथ लंबी अवधि औसत (एलपीए) का 100 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। 1961-2020 की अवधि  के लिए कुल मिला कर पूरे देश में सीजन की वर्षा का एलपीए 88 सीएम है।

मौसम विभाग के अनुसार, “अच्छी बात यह है कि ऐसा अनुमान है कि वर्षा की कमी 9 प्रतिशत होगी। यह पूर्वानुमान सांख्यिकी माडल पर आधारित है, यह संकेत देता है कि देश में एक सामान्य मानसून रहेगा।”

विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा कि आईएमडी द्वितीय चरण पूर्वानुमान के एक हिस्से के रूप में मई के अंतिम सप्ताह/जून 2020 के प्रथम सप्ताह में अद्यतन पूर्वानुमान जारी करेगा।

मॉनसून के 1 जून को केरल के तिरुवनंतपुरम तक पहुंचने की उम्मीद है। मॉनसून विद्यमान सामान्य तिथियों की तुलना में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार जैसे राज्यों और उत्तर प्रदेश के हिस्सों में 3-7 दिन की देरी से पहुंचेगा। सुदूर उत्तर पश्चिम भारत में, मानसून अब थोड़ा पहले 15 जुलाई की वर्तमान तारीख की तुलना में 8 जुलाई को आता है। मानसून के 15 अक्तूबर को दक्षिण भारत से वापस हो जाने की उम्मीद है।

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